हनुमान जयंती पर क्यों किया गया विवाद.....?
हनुमान जयंती पर क्यों किया गया विवाद:-
16 अप्रैल 2022 को देश भर में हनुमान जयंती के मौके पर हनुमान लला की श्रद्धालुओ द्वारा देश के अलग अलग कोने में झाकिया निकाली गई। और उस दौरान कुछ दंगाइयों ने जय श्री राम के नारे वाले काफिले पर मुस्लिम युवकों के द्वारा पत्थर बाजी करना शुरू कर दिया गया। यह पूरी घटना दिल्ली के जहांगीरपुरी की हे। जहा बीती रात देखते ही देखते दंगा इतना बढ़ गया जिसमें कई लोगो की गाड़ियां तोड़ दी गई कई वाहनों में आग लगादी गई । कई लोगों के घर में पत्थरबाजी की गई ।
मामले की खबर जब पुलिस कमिश्नर राकेस अस्ताना को हुई तो उन्होंने फौरन जांच के आदेश देते हुए कहा की घटना में दोषी पाए जाने वाले किसी भी सख्श को बख्शा नहीं जायेगा।
दोषी करार होने पर आरोपी पर कड़ी से कड़ी सजा होगी।
यह विवाद पहली बार नहीं है कि जब कोई हिन्दू धार्मिक लोग अपने भगवान की रैली निकाल रहे हो और उस पर दंगा नहीं हुआ हो। अभी बीते कुछ दिन पहले जब समय राम नवमी का था। तब भी हिन्दुओ के द्वारा भगवान श्री राम की पद यात्रा निकाली गई उस वक्त भी मुस्लिम लोगो के द्वारा पथराव किये गए। सोचने वाली बात है जब कोई भी मुस्लिम धर्म का कोई त्यौहार होता है तो देश का हिन्दू खुले दिल से उनके साथ मिलझुल कर उनके त्यौहार में हिसा लेता है। और उनके ऊपर किसी भी प्रकार का पथराव नहीं किया जाता तो क्यों मुस्लिम लोग हिन्दुओ के धर्म पर लगातार दंगे कर रहे हे। लेकिन इस पर भी देश के हिन्दू चुप बैठा है। क्योंकि किसी को अपने काम से समय नही है इसलिए ये मुस्लिम लगातार हत्या कर रहे हे आये दिन किसी ना किसी हिन्दू की हत्या का मामला सामने आ रहा है।
चार राज्यो में हुए दंगे:
नवरात्र के समय में राम नवमी के समय देश के चार अलग अलग हिस्सो में हिंसा हुई। जिसमें राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, यूपी लेकिन क़ानूनी कार्यवाही के नाम पर वही तक किसी की धार पकड़ नहीं की गई।
देश के हिन्सदू को जागरूक होना चाहिए। क्या पता अगला दंगा आपजे शहर में हो सकता है। इस पूरी साजिस के पीछे कोन हे और क्यों करवा रहा है यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। हिन्दू देश के अंदर होकर भी हिंदुत्व पर आक्रमण यह मुगल साम्राज्य की कूटनीति थी। इसलिए सभी हिन्दुओ को एकजुट होना पड़ेगा अगर राष्ट्र को बचाना है तो। वार्ना वो दिन दूर नहीं जब भारत वापस किसी और की गुलामी करे।
आप तस्वीरों में देख सकते हे किस तरह हथियार लेकर मुस्लिम युवक रोड पर दंगा करने उत्तर आये है। यह देह की छवि को ख़राब करने की साजिश रची जा रही है।
हिन्दू देश के अंदर हर मुसलमान हिन्दू विरोधी नहीं है। लेकन इन सभी के पीछे काम है किसी राजनैतिक पार्टियों का जो देश की जनता को बहला फुसलाकर अपना मकसद इनके जरिये पूरा करवा रहे हे। आप देश के किसी भी मज्जिद में चले जाईये इनके दरगाह और माजिदों में हथियार पाए जाते हे। उसकी बड़ी वजह है इनके मजहब के नाम पर शिक्षा देने वाले इनके मौलवी जो कही न कही किसी अलगावादी या आतंकवादी ग्रुप से जुड़े हे। जिनका मकसद है इस्लाम के नाम पर हिन्दुओ को मारो और इस्लामिक देश बनाओ। मुस्लिम कोमुनीटी का हल ही में थोड़े दिन पहले हिजाब पर पूरे देश में इन मुस्लिमो ने अपना हक जमाना चाहा। लेकिन ये लोग नहीं समझ रहे इसके पीछे के कारण को।
पुलिस के जवान पर हमला करते मुस्लिम युवक
इनके मौलवी के भड़कीले बयान ने इनके दिमाग के साथ इनको अंदर से पूरी तरह दिमाग को घुमा दिया है जिसे हम ब्रेन वाश कह सकते हे। एक मुसलमान मौलवी ने खुद कहा है कि मुस्लिम युवको और औरतो को ज्यादा इसलिए स्कुल और कॉलेज नहीं भेजा जाता क्योंकि प्रकृति का नियम है
जैसे जैसे कोई फल पकता हे वैसे वह समय के साथ मीठा होते जाता है लेकिन इंसान ऐसा हे जो ज्यादा पकने पर कड़वा बनता जाता है।
हिन्दू इसलिए पीछे हे क्योंकि इनमें एकता नहीं है और हर मज्जिद और दरगाह पर यहाँ उपदेश दिया जाता है कि हिन्दू काफिर हे उसे लव जिहाद के नाम पर या किसी भी तरह या तो उन्हें कन्वर्ट करो इस्लाम में अल्ला ताला तुम्हे जन्नत नसीब करवाएंगे तब तुम असल मुसलमान कहलाओगे। इस तरह के बेबाक तरीको से मुस्लिम लोगो को भड़काया जाता है। इस तरह के बातो को मुस्लिम इंसान में दिमाग में बैठाने के बाद दंगे की चिंगारी लगा दी जाती है। जिसने हमारे देश की पुलिश की इस तरह मारा जाता है।
घायल पुलिसकर्मी को पत्थर मारते मुस्लिम लोग
इस तस्वीर से हमें समझना चाहिए। की क्या हालत हे हमारे समाज की और क्यों तेज होती जा रही है इनकी ताकत।हिन्दूओ की कमजोरी:
हिन्दुओ की सबसे बड़ी कमजोरी हे उनकी एकता और इसी की वजह से हिन्दू की कॉम को हर बार मुस्लिम से झूझना पड़ता है। इतिहास गवाह है हिन्दुओ की फुट की वजह से इतिहास में सभी राजा के झुकने और फुट की वजह से सिर्फ अपने राजपाठ को बचाने के चक्कर में खुद का राज्य भी गुलाम बनाकर रहे और खुद भी गुलाम बन गए। महाराणा प्रताप का शौर्य और उनका मनोबल इतना स्टिक था कि अपने ही देश के राजा उनके खिलाफ हुए और अपने ही लोगो का क़त्ल करना पड़ा एक आजाद मेवाड़ को रखने के लिए। फुट डालकर ही दूसरे लोग हमेशा राज करके गए है।
इसलिए एकता को बढ़ाओ शक्ति बढ़ाओ।
प्रशाशन की लापरवाही:
इस पूरी घटना के पिछे जितना गुन्हेगार इसमें शरीफ मुसलमान हे उससे कई ज्यादा गुन्हेगार प्रशाशन हे। क्योंकि अगर इस तरह के काफिले को पूरी तरह से बचाव बल से साथ निकाला हित तो शायद यह घटना नहीं घटती। वैसे तो सिटी के हर क्षेत्र में कैमरा लगा हुआ होना चाहिए चाहे वह क्षेत्र संधिग्ध हो या सामान्य। हर क्षेत्र के बहार सोसिटिस और मोहल्लों में कैमरा जरुरी कर देना चाहिए जिसकी मदद से दंगो में सरीफ होने वालों की खातिरदारी सही तरीके से की जा सके। दंगे में हिये नुकसान की भरपाई इन सभी दंगाइयों से वसुलनी चाहिए। दंगे में कई पुलिश कर्मी घायल हुए हे जिनका इलाज नेसनल पुलिस अकेडमी में किया जा रहा है। देश की सरकारी और प्राइवेट दोनों ही क्षेत्र को हुए नुकसान के खामियाजा इनसे वसूलना चाहिए जिसके कारण से दूसरी बार कोई भी नागरिक इस तरीके में शरीफ नहीं होगा।
अगर आप भी भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहते है तो नीचे कमेंट बॉक्स में लोखिये। जय श्री राम, वंदे मातरम, भारत माता की जय।
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