दोस्तों अगर आप भी ब्रॉयलर चिकन और अंडे खाते है तो हो जाये सावधान।
नंबर 1) जिन पोल्ट्री फार्म के चिकन्स को आप बड़े मजे से खा रहे हो उन्हें खाने में रोज एंटीबायोटिक दवाइयां दी जाती है। जिससे वह रोज अंडा देने में सक्षम हो जाती है।
नंबर 2) पोल्ट्री फार्म के चिकन्स को छोटी मात्रा में जेंटामाइसिन इंजेक्शन दिया जाता है। जिसकी वजह से मुर्गियां की ग्रोथ बढ़ जाती है। इसका उपयोग करने से इंसानों में किडनी की बीमारिया पैदा होति है।
नंबर 3) क्या आपको पता है कि चिकन्स में प्रोटीन, केल्सियम, और आइरन क्यों सबसे ज्यादा होता है। क्योंकि इन्हें दिए जाने वाली खुराक में फास्फोरस, फैट , प्रोटीन, केल्सियम, को मिलकर दिया जाता है।
नंबर 4) इन बायोटिक्स दवाइयों की वजह से चिकन्स के अंदर का तापमान 165 ℃ डिग्री तापमान हो जाता है।
नंबर 5) ब्रायलर चिकन कई घातक बैक्टीरिया को होस्ट करता है। बाजार से अधिकांश परीक्षण किए गए चिकन के नमूनों में कैंबिलोबैक्टर एसपीपी और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया होते हैं। जो लोग ब्रायलर चिकन के नियमित सेवन या कभी-कभार सेवन करते है। उन्हें डायरिया और फूड पॉइजनिंग जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
नंबर 6) दोस्तों अगर आप चिकन लवर है। तो हो जाइये सावधान क्योंकि उच्च मांस उत्पादन प्राप्त करने और वजन बढ़ाने के लिए ब्रॉयलर को हानिकारक रसायनों, एंटीबायोटिक्स और ग्रोथ हार्मोन के साथ इंजेक्ट किया जाता है। इन्हें खाने से स्वास्थ्य पर खतरनाक प्रभाव पड़ेगा। इससे मोटापा, पुरुष में सेक्स समस्या, महिलाओं में जल्दी यौवन, बीपी, कैंसर आदि समस्याएं हो सकती हैं।
नंबर 7) दोस्तों क्या आपको पता है। जिन चिकन्स को आप बड़े ही मजे से खाते हो उनकी औसतन उम्र 8 से 10 साल की होती है।
नंबर 8) अंडों में से मुर्गी के चूझो को बहार निकलने के लिए 100 ℃ डिग्री से 104 ℃ डिग्री तापमान तक का सेक चाहिए होता है। तब चूसे इन अंडों में से बहार आ पाते है।
नंबर 9) दोस्तों पोल्ट्री फार्म के अंडे रोज खाने से आपको गर्मी निकलनी शुरू हो जायेगी और आपको पेट से सम्बंधित तथा ह्रदय की समस्या भी हो सकती है।
नंबर 10) क्या आपको पता है। एक उबले अंडे में से अंदर का पीला भाग कभी कभी हल्का काला निकलता है, उसे सल्फर वलय कहा जाता है। जब अंडे को उबाला जाता है तो अंडे की सफेदी में सल्फर और हाइड्रोजन मिलकर सल्फर डाइऑक्साइड गैस बनाते हैं, और यह गैस जर्दी यानि की (अंडे का पीला भाग), में लोहे के साथ प्रतिक्रिया करके एक डार्क रिंग बनाती है।
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