सूरत की जगह उधना रेलवे स्टेशन पर रुकेंगी यह 35 ट्रेनें,
सूरत रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 1.75 लाख से अधिक यात्रियों का लोड, जल्द ही भीड़ काम करने का प्रस्ताव होगा पास।
सूरत रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों और यात्रियों की भारी आवाजाही रहती है। सूरत रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 1.75 लाख से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है। इसलिए सूरत पर भार कम करने के लिए सूरत के आसपास के रेलवे स्टेशनों को विकसित किया जा रहा है। जैसे उधना रेलवे स्टेशन धीरे धीरे काफी विकास सूरत रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन 1.75 लाख से अधिक यात्रियों का लोड, जल्द ही भीड़ काम करने का प्रस्ताव होगा पास। बढ़ते विकास, व्यापार और जनसंख्या को देखते हुए सूरत स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों में से 35 ट्रेनों को उधना स्टेशन पर रोकने का विचार किया जा रहा है।
रेलवे के अंदर से मिली जानकारी के मुताबिक, 1952 में सूरत शहर की आबादी ढाई लाख भी नहीं थी। और उस समय गिनती की ट्रेनें ही थीं। लेकिन अब सूरत की आबादी 75 लाख होने का अनुमान है। बढ़ते विकास के साथ सूरत का रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन 200 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। यहां सिर्फ चार प्लेटफॉर्म से रोजाना 1.75 लाख से ज्यादा यात्री आवाजाही करते हैं। इस आंकड़े को देखकर भविष्य को ध्यान में रखते हुए। सूरत रेलवे स्टेशन के पास इस स्थिति से निपटने की क्षमता नहीं है। इसलिए नई ट्रेनें भी शुरू नहीं की जा सकतीं और नई ट्रेनों को ठहराव देने पर विचार किया जा रहा है। इसलिए अब सूरत रेलवे स्टेशन पर भार कम करने के लिए सड़क पर विचार कर रहा है।
पूर्वी-उत्तर-पूर्वी राज्यों की ट्रेनों को ठहराव देने के लिए उधना स्टेशन का प्रस्ताव:
सूरत स्टेशन पर रुकने वाली 35 ट्रेनों को उधना में रोकने पर विचार किया जा रहा है। और उसके लिए प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। फिलहाल ये सभी ट्रेनें पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों की हैं। इन ट्रेनों को उधना में रोकने के बाद उन ट्रेनों को सूरत में भी रुकने दिया जाए या सूरत रेलवे स्टेशन से छोड़ दिया जाए यह रेलवे मुख्यालय अभी तक नही हुआ है। फ़िलहाल इसपे विचार विमश किया जा रहा है।
इसके अलावा भेस्तान रेलवे स्टेशन का भी विकास किया जा रहा है। इसके विकास के बाद, उत्तर भारत और पूर्वी भारत से कुछ ट्रेनें भेस्तान रेलवे स्टेशन पर भी रुकेंगी ताकि पांडेसरा, उधना, डिंडोली, लिंबायत, गोडादरा, सचिन, भेस्तान क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों को सूरत रेलवे स्टेशन तक आना नही पडे। गौरतलब है कि उधना रेलवे स्टेशन पर फिलहाल दो नए प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। और एक और प्लेटफॉर्म बनने जा रहा है। जिससे आने वाले समय में यात्रियों और रेल दोनो की सुविधा होगी।
सूरत रेलवे स्टेशन पर पार्किंग की भी समस्या है। कई यात्रियों को रेलवे स्टेशन छोड़ने आने वाले लोग स्टेशन के बहार ही अपनी गाड़िया पार्किंग करते है। जिदके बाद पुलिस द्वारा नो एंट्री से गाड़िया टोइंग की शिकायत ज्यादा बढ़ी है। जिसको ध्यान में रखते हुए पार्किंग भी बड़ा करने पर विचार विमश किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन के बाहर भी काफी ट्रैफिक है। अगर ट्रेनों को उधना स्टेशन पर ठहराव मिलेगा तो सूरत रेलवे स्टेशन पर इतने यात्री नहीं आएंगे, जिससे पार्किंग की समस्या नहीं होगी और सूरत रेलवे स्टेशन के बाहर ट्रैफिक की भी समस्या नहीं होगी। इसके अलावा उधना रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्र का भी विकास किया जाएगा।
उधना रेलवे स्टेशन से रोज 20 हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं
सूरत शहर की जनसंख्या बढ़ती जा रही है। सूरत रेलवे स्टेशन पर चार से अधिक प्लेटफार्म की जगह नहीं है। जिसके कारण दूसरा विकल्प ढूंढने की तत्काल आवश्यकता है। जिसमें उधना रेलवे स्टेशन सबसे अच्छा विकल्प बनकर उभर सकता है। उधना रेलवे स्टेशन पर अब भी रोजाना 20 हजार यात्रियों का आवागमन रहता है। हलाकि अब पाचवे का काम चालू हो गया है।
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