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सूरत रेलवे स्टेशन पर दो अलग-अलग घटनाओं में एक कुली का लाइसेंस रद्द और एक टीसी निलंबित।



सूरत रेलवे स्टेशन पर दो अलग-अलग घटनाओं में एक कुली का लाइसेंस रद्द और एक टीसी निलंबित

सूरत रेलवे स्टेशन पर दो अलग-अलग घटनाओं में एक कुली का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। साथ ही एक टीसी को भी निलंबित कर दिया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दे की यह सूरत की दूसरी घटना है। जिसमे, सूरत का एक टिकट चेकर रोहित केसरी लगभग दो महीने पहले पश्चिम रेलवे के सतर्कता विभाग की जांच के दायरे में आया था।

रेलवे अधिकारी कोच तक पहुंचे और यात्रियों से बात करने के बाद जांच बैठाई गई और कुछ यात्रियों और कुछ स्टॉल मालिकों के बयान दर्ज किए गए।

विश्लेषण:

सूरत में दो अलग-अलग घटनाओं में, वंदे भारत ट्रेन का आपातकालीन बटन दबाने के बाद एक कुली का लाइसेंस रद्द कर दिया गया, जिससे ट्रेन 10 मिनट की देरी से चल रही थी और एक टिकट चेकर यानि की टीसी को निलंबित कर दिया गया है। क्योंकि सतर्कता अधिकारियों ने टीसी के चेकिंग करने पर उसके पास अतिरिक्त वसूली के पैसे पाए।

पहली घटना :-

सूरत रेलवे स्टेशन के से मिली यह जानकारी के अनुसार , 7 नवंबर को सूरत के रहने वाले  35 वर्षीय कुली गब्बर सिंह ने एक बुजुर्ग व्यक्ति का सामान प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर वंदे भारत ट्रेन तक पहुंचाया था। समय पर उतरने और ऑटोमेटिक दरवाजा बंद होने की वजह से दरवाजे बंद हो गया। जिसके चलते गब्बर सिंह ने दरवाज़ा खोलने की कोशिश की लेकिन नहीं खुल सका इसलिए उन्होंने आपातकालीन स्थिति में आपातकालीन बटन दबाया और ट्रेन रुकने के बाद उतर गए। लेकिन जब रेलवे अधिकारी कोच तक पहुंचे और यात्रियों से बात करने के बाद जांच बैठाई गई और कुछ यात्रियों और कुछ स्टॉल मालिकों के बयान दर्ज किए गए। तो सूरत रेलवे स्टेशन पर तैनात एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा गया कि, “एक कुली ट्रेन के आपातकालीन बटन को दबाने के लिए उत्तरदायी नहीं है। दरअसल उनकी इस हरकत की वजह से ट्रेन दस मिनट लेट हो गई। कुली को यात्रा करके अगले स्टेशन पर उतर जाना चाहिए था। केवल यात्रियों और रेलवे अधिकारियों को ही आपातकालीन बटन दबाने की अनुमति है और इसके लिए भी सक्षम कारण आवश्यक है।

दूसरी घटना :

सूरत का एक टिकट चेकर रोहित केसरी लगभग दो महीने पहले पश्चिम रेलवे के सतर्कता विभाग की जांच के दायरे में आया हुआ था। काफी मरतबा यात्रियों की शिकायत के बाद अधिकारियों ने पाया कि केसरी के पास अतिरिक्त पैसे होते है। जिसके बारे में वह नहीं बता सके। इसलिए एक जांच शुरू की गई और सूरत रेलवे अधिकारियों द्वारा उसके बयान दर्ज किए गए।

अधिकारियों ने बाद में एक रिपोर्ट तैयार की और इसे मुंबई में पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ मंडल मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक विनीत अभिषेक को भेजा । रिपोर्ट के आधार पर रेलवे अधिकारियों को पता चला की टीसी केसरी ने लाखो रूपये की अवैध वसूली  की है। जिसके बाद  सोमवार को केसरी को रेलवे अधिकारियों के द्वारा उनकी ड्यूटी से निलंबित कर दिया। 

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