मुंगई माता मंदिर जहा भालू माता के दर्शन करने आते है।
दोस्तों माता का एक ऐसा मंदिर जहा रोज शाम होते ही जंगली भालू माता का प्रसाद खाने आते है।
यह मंदिर छत्तीशगढ़ के बावनकेरा में स्थित मुंगई माता का है। इस मंदिर की सुरक्षा यह जंगली भालू करते है।
मंदिर विवरण:-
इस पोस्ट में दिख रहे भालू को देखकर आपको लग रहा होगा की। शायद यह फोटो किसी चिड़िया घर की है।लेकिन यह तस्वीरे किसी चिड़िया घर की नहीं है। यह विडीयो छत्तीसगढ़ के मुंगई माता मंदिर का है। जहाँ रोज शाम होते ही भालू अपने पूरे परिवार के साथ माता का प्रसाद खाने आते हैं। यह मंदिर ऊँचे पहाड़ो में स्तिथ है। माता का यह मंदिर चारो तरफ जंगलों और ऊँचे पहाड़ो से घिरा हुआ है। यहाँ माता मंदिर के अंदर छोटी गुमाया में विराजमान है। मातारानी का यह स्वरूप जगदंबा का है। जिसकी वजह से यहाँ साल के दोनों नवरात्रों में भक्तों का मेला लगता है। इस मंदिर के गृभगृह के बहार हनुमानजी का भी एक मंदिर है।
विवरण:
यहाँ माता के दर्शन करने आये श्रद्धालुओ को ये जंगली भालूओ ने आज तक कोई भी नुकसान नहीं पहुचाया। यहाँ के लोगो के बीच में भालू खुले आम घूमते है। यहाँ के रक्षक हे ये भालू। यहाँ के पंडित की भाषा को अच्छी तरह समझते है ये भालू। इनका कहना है कि यह शाम होते ही अपने आप आ जाते है। यदि कोई भी व्यक्ति इन्हें फ्रूटी या कुछ खाने को दे तो ये उनके हाथ से खा भी लेते है। वैसे तो जंगली भालू काफी खरनाक होते है। अगर इंसान को जिंदा देखले तो फिर उसकी खैर नहीं। लेकिन यहाँ के भालुओं किसी को भी नुकसान आज तक नहीं पहुचाया। यह माता का करिश्मा है। उनके यहाँ साक्षात् होने का संकेत है।
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